खण्डवा- वर्तमान में नोबेल कोरोना वायरस (कोविड-19) का संक्रमण पूरे देश में फैल रहा है जिसके चलते सुरक्षा की दृष्टि से संपूर्ण जिले को लॉक डाउन किया गया था। कल पुनः 19 दिन का लॉक डाउन बढ़ाया गया है लॉक डाउन की वजह से गरीब के साथ-साथ अब मध्यमवर्गीय परिवार भी आर्थिक संकट से जूझ रहा है शासन द्वारा लॉक डाउन के चलते प्रत्येक शासकीय व अशासकीय शिक्षण संस्थान (स्टेट एवं सीबीएससी)दोनों में पढ़ने वाले बच्चों के माह मार्च-अप्रैल की फीस वसूल नहीं की जावे स्मार्ट क्लासेज के नाम पर जो शुल्क लिया जाता है वह भी न लिया जाए। जिससे मध्यम परिवार को इस लॉक डाउन में कुछ हद तक राहत मिल सकती है। लॉक डाउन की वजह से गरीब के साथ साथ मध्यम वर्गीय परिवार भी आर्थिक संकट से जूझ रहा है छिंदवाड़ा और नीमच के कलेक्टरों ने बड़ी राहत देते हुए लॉक डाउन के दौरान स्कूली बच्चों की फीस माफी के आदेश निजी स्कूलों के लिए जारी किए थे। अफसोस की बात है कि शिवराज सिंह चौहान ने स्कूल शिक्षा विभाग की प्रमुख सचिव IAS रश्मि अरुण शमी पर दबाव बनाकर ये आदेश वापिस करवा दिया।
संतोष गौर, जिला प्रवक्ता, जिला काँग्रेस कमेटी खण्डवा ने मांग की है कि शिवराज जी जवाब दो, लॉक डाउन के दौरान जनता पर बोझ खत्म करो और जल्द से जल्द पूरे प्रदेश में शासकीय एवं अशासकीय शालाओं में फीस माफी के आदेश जारी हो।